त्रिवेणी और अर्थ : पाँचवीं किश्त


पिछली पोस्ट में मैंने चौथी त्रिवेणी का अर्थ समझने-समझाने की कोशिश की। किसी भी तरह का सवाल पूछना हो, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। मैं अपने फ़ेसबुक पेज पर लाइव भी आता रहूँगा ताकि आप सीधे-सीधे सवाल पूछ सकते हैं। फ़िलहाल, आज हम पाँचवीं त्रिवेणी का अर्थ समझेंगे। पेश है पाँचवीं किश्त-

त्रिवेणी-5

चलते चलते जो कभी गिर जाओ ख़ुद को सम्भालो और फिर से चलो

चोट खा कर ही सीख मिलती है

भाव-

इस दुनिया में हमें जो कुछ मिलता है, हर चीज़ की क़ीमत चुकानी पड़ती है। ज़रूरी नहीं कि हर एक चीज़ के योग्य हम हों लेकिन ये बात भी सच है कि किसी योग्यता को हासिल किया जा सकता है। ऐसा करने में हमें बहुत तरह के मूल्य चुकाने पड़ते हैं। कभी-कभी ये मूल्य शारीरिक तो कभी मानसिक या आध्यात्मिक भी हो सकता है। लेकिन किसी भी चीज़ या व्यक्ति के योग्य होना इस बात का सबूत है कि पूरी ईमानदारी से मेहनत की गई है। योग्य होने के इस सफ़र में बहुत सी बाधाएँ भी आती हैं और उन बाधाओं से डरने की बजाय उनका सामना करना चाहिए। क्यूँ कि बाधाएँ हमें आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं। क्यूँ कि चोट लगना सिर्फ़ चोट लगना नही, बल्कि एक नई सीख भी होती है।

अर्थ-

ऊपर दी गई त्रिवेणी में कहा गया है कि असफलता से कभी घबराना नहीं चाहिए। दरअस्ल, असफलता, सफल होने का उपाय है। बिना असफल हुए अगर सफलता मिल भी जाती है, तो उसका कोई मूल्य नहीं होता। ज़िंदगी बहुत तरह के रास्तों से गुज़रते हुए आना सफ़र करती है। ये बिल्कुल भी ज़रूरी नही कि तमाम रास्ते ख़ूबसूरत और फूलों से भरे हुए हों। कभी-कभी रास्ते काँटो वाले तो कभी सुनसान, कभी ज़ख़्मी तो कभी अजनबी भी होते हैं। इस ज़िंदगी के सफ़र में अगर कभी चलते-चलते हम गिर जाएँ तो ख़ुद को सम्भालने के लिए किसी का इंतज़ार नहीं करना चाहिए। ऐसे वक़्त में हमें ख़ुद का सहारा बनना चाहिए। ख़ुद को सम्भालना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। अगर कोई हमसफ़र मिल जाए तो अच्छा, न मिले तो और भी अच्छा। क्यों कि ज़िंदगी में एक मंज़िल ऐसी भी आती है जहाँ सारे दोस्त छूट जाते हैं, उसके आगे हम सबको अकेले ही जाना होता है। ये बात हमें हमें नहीं भूलना चाहिए कि चोट भी एक तरह का मरहम है।

त्रिवेणी संग्रह साँस के सिक्के पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

#Tripurari #Prerna #MaharashtraBoard11thClassHindiSyllabus #Triveni

Featured Posts
Recent Posts