सभी ख़ुदा मिटा दिए, तुम्हें ख़ुदा बना लिया

 

 

 इस गीत के साथ बहुत सी यादें जुड़ी हैं। पहली तो ये कि इसे मैंने सिर्फ़ पाँच मिनट में लिखा था। अच्छी बात ये थी कि ट्युन और लिरिक्स दोनों में बाद में कोई बदलाव नहीं किया गया। क्यूँ कि ऐसा बहुत कम दफ़ा होता है कि आप अपने इमोशन का इज़हार बिल्कुल उसी तरह कर पाते हैं, जैसा आप चाहते हैं।  इस गीत के पीछे इंस्पिरेशन ये थी कि हम सब ज़िंदगी में बहुत से लोगों से मोहब्बत करते हैं, या मोहब्बत पाते हैं लेकिन कोई एक ही होता है जो सबसे ख़ास होता है। उस एक के ज़िंदगी में आने पर कुछ भी ज़रूरी नहीं रह जाता। आपने ज़िंदगी में जितने ख़ुदा बनाए होते हैं, उन सबको मिटाने को राज़ी हो जाते हैं। एक नया ख़ुदा बनाने के लिए। यही शायद मोहब्बत की परख भी होती है। बहरहाल, पूरा लिरिक्स इस तरह है- 

 

मुखड़ा-

 

तमाम रात सोचकर ये दिल ने फ़ैसला किया

सभी ख़ुदा मिटा दिए तुम्हें ख़ुदा बना लिया

इबादतों सा हर्फ़ भी हवा पे है लिखा हुआ

वफ़ा के जो भी गीत हैं वो कह रहे हैं शुक्रिया

 

अंतरा-1

 

जाने कहाँ से आ गया ख़ुशबुओं का आशियाँ
आँखों में आ के घिर गईं हैं ख़्वाब की ये बदलियाँ
हमें तुम्हारे इश्क़ पर यक़ीन आज हो चला
दुआओं में जो हाथ हैं वो कह रहे हैं शुक्रिया

 

अंतरा-2

 

देखो ज़रा कि नूर से ये भर गया है आसमां
सारे सितारे बोलते है रात ख़ूब मेहरबां
समंदरों के होंठ ने चूम कर मुझे कहा
मेरी तरह जो लोग हैं वो कह रहे हैं शुक्रिया


पूरा गाना सुनने के लिए क्लिक करें- 
https://www.youtube.com/watch?v=iMj5k-YbwcA

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