नॉर्थ कैम्पस की एक्साइटिंग लाइफ़


दिल्ली यूनिवर्सिटी का नॉर्थ कैम्पस एक समुंदर की तरह है। जो तैराक जितनी गहराई में उतरने की हिम्मत रखता है, उसे उतनी ही नई चीज़ों के बारे में पता चलता है। मेरा तजरबा यही कहता है कि बाहर से ग्लैमरस दिखने वाली नॉर्थ कैम्पस की एक्साइटिंग लाइफ़ के पीछे बहुत से दर्द छुपे हैं, जिनका बयान अभी होना है। सैक‌ड़ों तरह की परेशानियाँ हैं जिनका इलाज मुमकिन नहीं है। बेहतर ज़िंदगी के सुनहरे ख़्वाब सजाने से लेकर ख़ुदकुशी के फ़ैसले तक की दूरी तय करना आसान नहीं है। इस सफ़र में इमोशनल लेवल पर बहुत सी मुश्किलों का सामना करना प‌ड़ता है। कभी कभी लगता है कि नॉर्थ कैम्पस कोई जगह नहीं बल्कि एक राज़ है, जिसे जितना समझने की कोशिश की जाए उतना ही गहरा होता चला जाता है। इस वक़्त देश के जितने भी जाने-पहचाने नाम हैं, उन में से ज़ियादातर लोग नॉर्थ कैम्पस से पढ़े हुए हैं। चाहे सिनेमा से जुड़े लोग हों या सियासत या फिर अदब से। नॉर्थ कैम्पस की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि वहाँ एक बेहतर और एक ख़राब इंसान बनने के बहुत से मौक़े मिलते हैं, बस इंतिख़ाब करना होता है कि आप ख़ुद से चाहते क्या हैं। हम जो भी रास्ता ख़ुद के लिए चुनते हैं, हम वही होते चले जाते हैं। अस्ल बात तो ये है कि हम उम्र भर रास्ते की तलाश में होते हैं मगर इस बात का एहसास कभी नहीं होता कि हम जो रास्ता ढूँढ़ रहे हैं, वो रास्ता हम ख़ुद हैं।

मुझे जब भी नॉर्थ कैम्पस का ख़याल आता है, ज़ेहन की ज़मीन से एक ख़ुशबू उठती है और दिल-ओ-दिमाग़ महकने लगता है। मैं उन दिनों के बारे में सोचने लग जाता हूँ जब मेरी उम्र का परिंदा बचपन की डाली से उड़कर, जवानी की मुँडेर पर बैठने वाला था। उन दिनों मेरे पास सिर्फ़ दो काम थे। पहला, इंटर-कॉलेज कॉम्पिटिशंस में अवार्ड जीतना और दूसरा, ख़ूबसूरत लड़कियों से इंस्पायर होकर पोएट्री-स्टोरीज़ लिखना। मेरी दिलचस्पी पढ़ाई में बहुत कम थी। बिना पढ़े ही मैं फर्स्ट डिविज़न से ग्रेजुएट हुआ। पता नहीं, पढ़ता तो क्या होता? ख़ैर, वो लम्हा वाकई ख़ुशगवार था, जब मुझे अपने कॉलेज (श्री गुरु तेग़ बहादुर खालसा कॉलेज) में बेस्ट ऑल राउण्डर स्टूडेंट का अवार्ड मिला, वो भी लगातार दो साल।

ये वो दिन थे, जब मैं पढ़ता कम और लिखता ज़ियादा था। बोलता कम और सुनता ज़ियादा था। ये वो दिन थे, जब कई लड़कियों ने मुझे प्रपोज़ किए। जब भी मौक़ा मिलता वो मुझसे अपनी तारीफ़ सुनना पसंद करतीं। मैं उन्हें पोएट्री सुनाया करता था। कभी लाइब्रेरी में, तो कभी क्लासरूम में। कभी कॉरिडोर में, तो कभी प्ले ग्राउण्ड में। एक दिन एक लड़की ने मुझे किस कर लिया। मुझे बुखार हो गया। बुखार पूरे सात दिनों तक रहा था। वो बुखार तब उतरा, जब उस लड़की ने दोबारा किस किया। वो भी, कशमीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर एसक्लेटर चढ़ते हुए। मुझे ख़ुशी है कि मेरे जूनियर मुझसे जितनी मोहब्बत करते थे उतना ही प्यार मेरे लिए मेरे सीनियर के दिलों में भी था। हाँ, अपने क्लास वालों के साथ मैं ज़रा कम रहा। मेरी अपनी मजबूरी थी। फिर भी कई क्लासमेट ऐसे थे, जो अब भी मेरे अच्छे दोस्त हैं, हमेशा रहेंगे।

सच तो ये है कि नॉर्थ कैम्पस की दुनिया मेरी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा है। कॉलेज-लाइफ़, दोस्ती, बदमाशियाँ, नादानियाँ, मुखर्जी नगर, बत्रा सिनेमा, हडसन लेन, विजय नगर, कमला नगर, हॉस्टल, विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन से जुड़ी बहुत सी यादें हैं। जैसे एक दुनिया में बहुत सी दुनियाएँ रहती हैं। आज भी मुझे जब कुछ लिखना होता है, तो नॉर्थ कैम्पस की सीढ़ियों से नीचे उतर कर दिल के तहख़ाने में आता हूँ। जहाँ सुनहरी यादों का बेशुमार ख़ज़ाना है। चाहतों का मौसम है। सर्द हवाओं में झूलता एक ज़र्द पत्ता है। बारिश में भीगा हुआ एक फूल है। वो फूल मुझे अज़ीज़ है, क़बूल है। अब उन्हीं फूलों को एक जगह जम्अ कर के एक गुलदस्ता तैयार किया है जिसका नाम है- नॉर्थ कैम्पस।

अभी तक नॉर्थ कैम्पस के बारे में बहुत ज़ियादा नहीं लिखा गया है, अगरचे एक बात तय है कि यहाँ के बारे में जितना लिखा जाए उतना कम है। अनगिनत चीज़ें हैं जिन्हें एक्सप्लोर करना बाक़ी है। बहुत से टूल्स हैं जिनके माध्यम से इस वर्जिन माहौल को बयान किया जा सकता है। मैंने जो टूल चुना वो है रिश्ता। इक्कीसवीं सदी के नॉर्थ कैम्पस में रिश्ते किस तरह से बनते-बिगड़ते हैं? मोहब्बत का मेयार क्या है? तन्हाई और ज़रूरत एक इंसान को किस हद तक बेबस बना सकती है? सेक्सुअलिटी किस तरह से पहचान या नुक़सान की वजह बन सकती है? ऐसी बहुत सी बातें हैं। उन बातों को जोड़ कर बहुत सी कहानियाँ बनती हैं। उन्हीं कहानियों को जम्अ किया है मैंने अपने कहानी-संग्रह ‘नॉर्थ कैम्पस’ में।

नॉर्थ कैम्पस उर्दू और हिंदी में एक साथ प्रकाशित हो रही है। प्री-बुकिंग जल्द ही...

#NorthCampus #DelhiUniversity #Tripurari #LoveStories #Relation

Featured Posts
Recent Posts
Archive
Search By Tags

 

CONNECT WITH US

  • Facebook
  • Instagram
  • YouTube
  • Twitter
  • Amazon - Grey Circle

Copyright © 2020   TRIPURARI                                                Designed and Maintained by Alok Sharma

  • Facebook - Grey Circle
  • Instagram - Grey Circle
  • YouTube - Grey Circle
  • Twitter - Grey Circle
  • Amazon - Grey Circle