ये एक अजीब दिलकश मंज़र था। मोहा और मोहसिन आधे-अधूरे भीगते हुए एक ही सेब बारी-बारी से  खा रहे थे। पानी की बूँदें उनके चेहरों को छूते ही रूह ताज़ा कर देती थीं। दिल-ओ-दिमाग़ के दर्मियान एक दीवार पैदा हो रही थी, जिसके दोनों तरफ़ कई अल्फ़ाज़ लिखे थे। हैरानी की बात तो ये थी कि उन...

Please reload

Recent Posts
Please reload

Archive
Please reload

Search By Tags

 

CONNECT WITH US

  • Facebook
  • Instagram
  • YouTube
  • Twitter
  • Amazon - Grey Circle

Copyright © 2020   TRIPURARI                                                Designed and Maintained by Alok Sharma

  • Facebook - Grey Circle
  • Instagram - Grey Circle
  • YouTube - Grey Circle
  • Twitter - Grey Circle
  • Amazon - Grey Circle